Educationछत्तीसगढ़

सेवा संकल्प अभियान : महिला शिक्षिकाओं को रक्तदान हेतु किया जा रहा प्रेरित

रायपुर । सेवा संकल्प अभियान के तहत 23 सितंबर को बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ातालाब में सुबह 9 बजे से वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर को लेकर रविवार को कलेक्टर गौरव सिंह ने बैठक ली थी। वही सोमवार को विकासखंड शिक्षा अधिकारी अमित तिवारी ने भी ऑनलाइन मीटिंग लेकर दिशानिर्देश दिए।

जिला शिक्षा अधिकारी एमजी सतीश कुमार और विकासखंड शिक्षा अधिकारी अमित तिवारी के निर्देशानुसार इस पुनीत कार्य एवं मानवता की सेवा में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए धरसीवां विकासखंड सहित सभी अशासकीय शालाओं में महिला शिक्षिकाओं को प्रेरित किया जा रहा है।

शिविर के संबंध में समग्र शिक्षा के विकासखंड परियोजना अधिकारी नरेंद्र सिंह ठाकुर ने जिला प्रशासन और विभागीय उच्च अधिकारियों से प्राप्त निर्देश के तहत सभी संकुल समन्वयकों को अधिक से अधिक संख्या में इस आयोजन के लिए रक्तदाताओं को प्रेरित करने के पत्र जारी कर दिया है। सभी संकुल समन्वयकों को अपने संकुल अंतर्गत कार्यरत शिक्षण/गैर-शिक्षण इच्छुक महिला कर्मचारियों की जानकारी दिए गए ऑनलाइन गूगल शीट लिंक पर तत्काल दर्ज करने को कहा गया है। इच्छुक महिला/शिक्षिकाएँ अपने नाम एवं मोबाइल नंबर दर्ज कराने के लिए कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर की सहायक संचालक कलावती भगत (मो. 9827492839) एवं प्रीति शुक्ला (मो. 9893141247) से संपर्क कर सकती हैं।

रक्तदान करने स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानक तय

आयु: महिला की आयु 50 वर्ष से अधिक न हो।

स्वास्थ्य स्थिति: पिछले 6 महीनों में कोई बड़ी सर्जरी न हुई हो।

बीमारी: महिला को कोई गंभीर या लंबी बीमारी (जैसे डायबिटीज, हाई/लो बीपी) न हो।वजन: महिला का वजन 45 किलोग्राम से कम न हो।

रक्त क्यों है इतना जरूरी?

जीवनरक्षक विकल्प: मानव रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प (synthetic substitute) उपलब्ध नहीं है; इसे केवल एक मानव द्वारा दूसरे मानव को दिया जा सकता है।

आपातकालीन स्थितियों में ढाल: गंभीर दुर्घटनाओं, सर्जरी, थैलसीमिया, कैंसर, एनीमिया और प्रसव के दौरान महिलाओं को अत्यधिक रक्तस्राव होने पर रक्त दान की तत्काल आवश्यकता होती है।

एक दान से तीन जीवन: आपके द्वारा दान किए गए एक यूनिट रक्त को प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) में अलग करके तीन अलग-अलग मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *