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योग एवं आयुर्वेद का वैज्ञानिक अध्ययन प्रस्तुत करता है जीवनशैली संबंधी समस्याओं की समझ और समग्र स्वास्थ्य-प्रबंधन के क्षेत्र में नई संभावाएं

दर्शन एवं योग अध्ययनशाला में ‘योग, आयुर्वेद एवं न्यूरोसाइंस’ पर विशेष व्याख्यान

रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर की दर्शन एवं योग अध्ययनशाला में ‘योग, आयुर्वेद एवं न्यूरोसाइंस (तंत्रिका विज्ञान)’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष जे. एल. गहरे के स्वागत उद्बोधन से हुआ। इस अवसर पर प्रख्यात वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद् प्रो. राकेश पाण्डेय ने विचार प्रस्तुत किए। अपने व्याख्यान में प्रो. पाण्डेय ने योग, आयुर्वेद एवं आधुनिक तंत्रिका विज्ञान के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डालते हुए मानव स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन एवं समग्र कल्याण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका को स्पष्ट किया। उन्होंने भारतीय पारंपरिक ज्ञान एवं आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए बताया कि योग एवं आयुर्वेद का वैज्ञानिक अध्ययन स्वास्थ्य संवर्धन, जीवनशैली संबंधी समस्याओं की समझ और समग्र स्वास्थ्य-प्रबंधन के क्षेत्र में नई संभावनाएँ प्रस्तुत करता है।

व्याख्यान का एक महत्वपूर्ण पक्ष प्राकृतिक वनस्पतियों एवं औषधीय पौधों की उपयोगिता रहा। प्रो. पाण्डेय ने विद्यार्थियों को आसपास उपलब्ध विभिन्न वनस्पतियों के महत्व, उनके पारंपरिक उपयोग तथा स्वास्थ्यवर्धक गुणों से परिचित कराया। उन्होंने औषधीय पौधों के संरक्षण एवं उनके वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। इस विषय ने विद्यार्थियों में विशेष जिज्ञासा उत्पन्न की। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अनेक प्रश्न पूछे, जिनका प्रो. पाण्डेय ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।

कार्यक्रम में शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान, पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय, नवा रायपुर अटल नगर के सलाहकार थानेश्वर कुमार साहू की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन अतिथि व्याख्याता डॉ. महेंद्र कुमार प्रेमी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक प्रेमलाल ने प्रस्तुत किया। इस दौरान शिक्षकगण प्रज्ञा मांझी, कमला पटेल, चितरंजन कुमार एवं वरिष्ठ छात्र राजेश मढ़ारिया उपस्थित रहे।

यह व्याख्यान विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी रहा। इससे प्रतिभागियों को भारतीय ज्ञान परंपरा, औषधीय वनस्पतियों तथा आधुनिक विज्ञान के पारस्परिक संबंधों को समझने का अवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम ने योग एवं आयुर्वेद के वैज्ञानिक अध्ययन, शोधपरक चिंतन तथा अंतर्विषयी ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी सहयोगियों एवं संबंधित व्यक्तियों के प्रति दर्शन एवं योग अध्ययनशाला ने हार्दिक आभार व्यक्त किया।

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