सभी जिलों से मांगी 2021-22 से 2025-26 तक की जानकारी, मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास भी बताने होंगे
रायपुर। राज्य में स्कूल से बाहर रहने वाले और बाल श्रम के रूप में चिन्हित बच्चों को लेकर अब समग्र शिक्षा ने जिलों से पांच साल का रिकॉर्ड मांगा है। राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा की ओर से सभी जिला मिशन समन्वयकों को पत्र जारी कर वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक बाल श्रम के रूप में चिन्हित किए गए आउट ऑफ स्कूल चिल्ड्रन्स की जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।भारत सरकार की ओर से यह जानकारी मांगी गई है। इसके बाद राज्य परियोजना कार्यालय ने सभी जिलों को निर्धारित प्रारूप में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें केवल यह बताना नहीं होगा कि कितने बच्चे बाल श्रम के रूप में चिन्हित हुए, बल्कि उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिलों की ओर से किए गए प्रयासों का भी ब्यौरा देना होगा।


– पांच साल का रिकॉर्ड होगा सामने
जिलों से वर्षवार जानकारी मांगी गई है। इससे यह पता चलेगा कि 2021-22 से 2025-26 के बीच कितने बच्चे स्कूल से बाहर थे और इनमें कितने बच्चे बाल श्रम में संलग्न पाए गए। साथ ही, चिन्हांकन के बाद बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के लिए क्या कार्रवाई की गई, इसकी भी जानकारी सामने आएगी।
– सिर्फ चिन्हांकन नहीं, पुनर्वास पर भी फोकस
समग्र शिक्षा के पत्र में बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी भी मांगी गई है। यानी जिलों को यह बताना होगा कि चिन्हित बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाने, शिक्षा से जोड़ने या अन्य शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए गए।




