छत्तीसगढ़ के 31 जिला शिक्षा अधिकारियों को नोटिस, रुक सकती है सैलरी
रायपुर । प्रदेश के शासकीय स्कूलों की जर्जर स्थिति, भवन विहीन परिसरों और मरम्मत योग्य कक्षाओं का ब्योरा समय पर न भेजना जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), छत्तीसगढ़ ने शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही और उदासीनता बरतने के आरोप में राज्य के लगभग सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी किया है। यही नहीं, निर्धारित समय-सीमा में जवाब न मिलने पर अधिकारियों का अक्टूबर माह का वेतन रोकने और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है।
संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को 3 दिनों के भीतर जानकारी और अपना प्रतिवाद प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया है। समय-सीमा में संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही गई है।

– 1 सप्ताह में मांगी गई थी रिपोर्ट

जानकारी के अनुसार, लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 7 सितंबर 2026 को पत्र क्रमांक 448 जारी कर प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से शासकीय शाला भवनों की भौतिक स्थिति की विस्तृत जानकारी मांगी गई थी। इस निर्देश में अधिकारियों को 01 सप्ताह के भीतर जिला कलेक्टर के अनुमोदन के उपरांत, तस्वीरें (फोटोग्राफ्स) संलग्न कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए थे।इस रिपोर्ट में स्कूलों के यू-डाइस कोड (UDISE Code), दर्ज छात्र संख्या, कार्यरत शिक्षक, उपलब्ध व अनुपयोगी (डिस्मेंटल) कक्षों की संख्या, मरम्मत योग्य कमरे, अनुमानित राशि और नए भवन/अतिरिक्त कक्ष की आवश्यकता का ब्योरा मांगा गया था।
– केवल दो जिलों ने भेजी आंशिक जानकारी
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 29 सितंबर 2026 को जारी नए आदेश (क्रमांक 457) में यह खुलासा हुआ है कि समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी अधिकांश जिलों से जानकारी अप्राप्त रही। केवल बलौदाबाजार और बलरामपुर जिले (केवल भवन विहीन श्रेणी में) को छोड़कर किसी भी जिला कार्यालय ने समय पर यह अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी प्रेषित नहीं की




