रायपुर। सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राजधानी रायपुर में 23 सितंबर को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित शिविर का आयोजन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा संकल्प अभियान की दूसरी कड़ी के रूप में किया गया है। इसके पहले 17 सितंबर को आशीर्वाद का दीया जलाया गया था। कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा रायपुर के साथ ही कलेक्टर गौरव कुमार सिंह के साथ उनकी पत्नी सुनीता सिंह के साथ ही 31 लोगों ने देहदान करने का भी संकल्प लिया है।

शिविर में रक्तदान कर मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। आयोजन में 2548 लोगों ने रक्तदान किया जिसमें 1188 महिलाओं की विशेष भागीदारी से एक नई तस्वीर सामने आई। इस विशेष रक्तदान अभियान को महिलाओं द्वारा आठ घंटे में सर्वाधिक रक्तदान के प्रयास के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक प्रबोध मिंज व अन्य मौजूद रहे।
एक यूनिट ब्लड से 3 लोगों की बचाई जा सकती है जान

इस दौरान रायपुर जिले के धरसीवां ब्लॉक के नवपदस्थ यूआरसीसी नरेंद्र सिंह ठाकुर ने भी जन सेवा में रक्तदान किया। उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित रक्तदान महाकुम्भ में विभाग के शिक्षकों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। मानव रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है, इसे केवल एक मानव द्वारा दूसरे मानव को दिया जा सकता है। गंभीर दुर्घटनाओं, सर्जरी, थैलसीमिया, कैंसर, एनीमिया और प्रसव के दौरान महिलाओं को अत्यधिक रक्तस्राव होने पर रक्त दान की तत्काल आवश्यकता होती है। दान किए गए एक यूनिट रक्त को प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और लाल रक्त कोशिकाओं में अलग करके तीन अलग-अलग मरीजों की जान बचाई जा सकती है। इसलिए सभी को रक्तदान करना चाहिए।




