छत्तीसगढ़ : जनजातीय संग्रहालय में 10 माह में पहुंचे 2.50 लाख से अधिक दर्शक
देश-विदेश के पर्यटक आ रहे हैं जनजातीय संग्रहालय
रायपुर । नवा रायपुर के आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में अंग्रेजी हुकुमत के दौरान जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बने शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय अपने उद्देश्यों में सार्थक कर रहा है। संग्रहालय को देखने देश-विदेश के पर्यटक बड़ी संख्या में आ रहे हैं, वहीं संग्रहालय विद्यार्थियों-शोधार्थियों सहित आम लोगों के लिए प्रेरणा और ज्ञान का केन्द्र बन रहा है।
स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के साथ ही बड़ी संख्या में आमजन संग्रहालय को पहुंच रहे हैं। उद्घाटन के बाद लगभग दस महीनों के अंतराल में ही 2.50 लाख से अधिक दर्शक ने संग्रहालय का अवलोकन कर चुके है। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी, विदेशी पर्यटक, शोधार्थी, स्कूल एवं कॉलेज के बच्चें सहित आम नागरिक शामिल है।

संग्रहालय आकर्षण और उत्साह का केंद्र
गौरतलब है कि आदिम जाति विकास विभाग के मार्गदर्शन में जनजातीय संस्कृति परंपराओं पर आधारित म्यूजियम तथा शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी म्यूजियम का निर्माण तेजी के साथ पूरा हुआ है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विभागीय मंत्री राम विचार द्वारा के सतत प्रयासों से यह लोगों के लिए समर्पित हुआ है। इस संग्रहालय को तेजी के साथ निर्माण में आदिम जाति विभाग के प्रमुख सचिव श्री बोरा का अहम योगदान है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव रजत जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 01 नवम्बर 2025 को इस भव्य संग्रहालय को लोगों को समर्पित किया गया। आगन्तुकों के लिए शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय आकर्षण और उत्साह का केंद्र बना हुआ है।
छुट्टी के दिनों में पहुंच रहे 5 हजार लोग
आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों उद्घाटन होना गौरव की बात है। श्री बोरा ने कहा कि काफी संख्या में लोग संग्रहालय देखने आ रहे हैं, इससे संग्रहालय बनाने का उद्देश्य सार्थक हो रहा है। विशेषकर छुट्टियों और त्यौहारों के दिनों में लोग बड़ी संख्या में संग्रहालय आते हैं। छुट्टी के दिनों में लगभग 4-5 हजार आगंतुक संग्रहालय देखने आ रहे है, वही आम दिनों में 1000-1200 आगंतुक संग्रहालय का अवलोकन कर रहे है।
जानकारी के लिए गाइड
विभाग द्वारा भी आगंतुकों के हिसाब से सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। दर्शकों को जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान संबंधी जानकारी के लिए गाइड की भी व्यवस्था की गई है। संग्रहालय पूरी तरह से डिजिटली है। संग्रहालय के अंदर मॉनीटर पर दिये गए क्यू आर कोड स्कैन कर तथा माइक्रोफोन के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त करने की व्यवस्था भी की गई हैै। इसके साथ ही दिव्यांगों, महिलाओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्हीलचेयर व शिशुवती महिलाओं के लिए शिशु देख-रेख कक्ष बनायी गई है। इस संग्रहालय के शुरू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने लगा है। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि संग्रहालय का धरातल में आने से नई पीढ़ियों को अपने पुरखों की वीरता और साहस को याद दिलाता रहेगा। यह न सिर्फ जनजातीय वर्गों के लिए बल्कि सभी लोगों के लिए प्रेरणाप्रद है।




