आयोग ने कहा अभ्यर्थियों को मिले कम अंक, पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का कोई प्रावधान नहीं
रायपुर । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के राज्य सेवा परीक्षा 2025 के मुख्य परीक्षा के रिजल्ट जारी होने के बाद विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। गुरुवार को अभ्यर्थी नवा रायपुर स्थित आयोग कार्यालय का घेराव किया। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि साक्षात्कार में 3 गुना अभ्यर्थियों के हिसाब से 795 अभ्यर्थियों को चिन्हांकित किया जाना था लेकिन 608 अभ्यर्थियों का ही चयन किया गया है। नोटिफिकेशन में दिए गए रेशियो का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा है। अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा पेपर में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए फिर से पेपर जांच करने की मांग भी की। वहीं आयोग की ओर से इसे लेकर सूचना भी जारी की गई है। जिसमें कहा गया है कि प्राप्त पत्रों और सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से अभ्यर्थियों में यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के माध्यम से वांछित संख्या से कम अभ्यर्थियों का त्रुटिपूर्ण चिन्हांकन किया गया है और कुछ प्रश्न-पत्रों हेतु पुनर्मूल्यांकन की मांग की जा रही है। आयोग द्वारा लिखित परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य अत्यंत गंभीरता और निष्पक्षता के साथ विषय विशेषज्ञों के माध्यम से करवाया जाता है। आयोग अभ्यर्थियों से अपील भी की है कि फैलायी जा रही भ्रामक जानकारियों से प्रभावित हुए बिना आयोग के प्रक्रिया नियमों एवं निर्देशों के अनुरूप की जाने वाली प्रक्रियाओं में सुनिश्चित हो कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के माध्यम से साक्षात्कार हेतु अभ्यर्थियों के चिन्हांकन की प्रक्रिया पूरा नियमों एवं निर्देशों के अनुरूप सही-सही की गई है।
– अभ्यर्थियों का सवाल – क्या राज्य में योग्य युवा नहीं
एक अभ्यर्थी ने बताया कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा का परिणाम 31 अगस्त को जारी किया गया। साक्षात्कार में नियमों के अनुसार पदों का 3 गुना यानी 795 अभ्यर्थियों को बुलाया जाना चाहिए था। लेकिन 608 अभ्यर्थियों को ही बुलाया गया है। प्रश्न-पत्र में अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 33 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 23 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। अब सवाल यह आता है कि क्या राज्य में इतने योग्य युवा नहीं है जिनके इतने नंबर नहीं आ रहे।
– आयोग ने रखे ये तर्क
1. राज्य सेवा परीक्षा-2025 हेतु जारी विज्ञापन की कंडिका 3 (iv) एवं छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग प्रक्रिया नियम की कंडिका 7 के अनुसार आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली लिखित परीक्षाओं के प्रत्येक प्रश्न-पत्र में अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 33 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 23 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। राज्य सेवा परीक्षा सहित अनेक लिखित परीक्षाओं में सम्मिलित अभ्यर्थियों में से कई अभ्यर्थियों द्वारा अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं करने के कारण चिन्हांकित अभ्यर्थियों की संख्या वांछित संख्या से कम हो सकती है। राज्य सेवा परीक्षा-2025 के संदर्भ में भी यही स्थिति निर्मित हुई है, जिसके कारण 795 अभ्यर्थियों के स्थान पर कुल 608 अभ्यर्थी साक्षात्कार हेतु चिन्हांकित हुए हैं।
2. विज्ञापन की कंडिका 11 (V) के अनुसार छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए किसी भी प्रश्न पत्र के संदर्भ में पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना जैसी कोई प्रक्रिया संभव नहीं है।
3. चयन परिणाम जारी होने के पश्चात प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों की मेरिट सूची और मुख्य परीक्षा के कट ऑफ आयोग की वेबसाईट पर जारी किए जाते हैं। साथ ही अभ्यर्थी सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के ओ.एम.आर. उत्तर पत्रक व प्रश्न सह उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त कर अपने परीक्षा परिणाम के संदर्भ में आश्वस्त हो सकते हैं।
– मूल्यांकनकर्ता का जान पाना संभव नहीं कि कौन सी उत्तर पुस्तिका किस अभ्यर्थी का
आयोग की ओर से सभी लिखित परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य गंभीरता और निष्पक्षता के साथ विषय विशेषज्ञों के माध्यम से करवाया जाता है। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्नवार मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई जाती है, जो कि पूरी तरह पहचान रहित होती है। जिससे मूल्यांकन कार्य में शामिल किसी भी व्यक्ति के लिए यह जान पाना संभव नहीं होता है कि कौन सी उत्तर पुस्तिका किस अभ्यर्थी से संबंधित है। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में प्रत्येक अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़ी संख्या में विषय विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ता शामिल होते है। यह पूर्णतः सुरक्षित और सिद्ध प्रक्रियाओं, प्रक्रिया नियमों एवं निर्देशों के माध्यम से मूल्यांकन की गोपनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित होती है।




