सीजीटेट : प्राइमरी में 13.15 प्रतिशत तो अपर प्राइमरी में 11.35 फीसदी अभ्यर्थी ही हो पाए पास
टेट में अब तक 3 लाख 17 हजार अभ्यर्थी पास, 8 परीक्षा में पासिंग प्रतिशत कभी 25% नहीं पहुंचा
रायपुर । शिक्षक भर्ती परीक्षा शुरू होने से पहले छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीजीटेट) के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। सीजीटेट परीक्षा अब तक राज्य में 8 बार आयोजित हो चुकी है, जिसमें अब तक प्राइमरी और अपर प्राइमरी में 3 लाख 17 हजार 744 अभ्यर्थी एलिजिबल यानी पास कर चुके हैं। सीजीटेट पास करना कितना मुश्किल है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक प्राइमरी में 13.15 प्रतिशत तो अपर प्राइमरी में 11.35 फीसदी ही पास हो पाए। प्राइमरी में 1478785 में से 194592 और अपर प्राइमरी में 1084299 में 123152 पास हुए। आठ सालों में प्राइमरी में कभी 25 प्रतिशत और अपर प्राइमरी में 17 प्रतिशत पासिंग प्रतिशत नहीं रहा।
सीजीटेट 2026 में इस बार ज्यादा रूझान देखने को मिल रहा है। क्योंकि अभी शासन की ओर से लगभग 4708 पदों पर शिक्षक, सहायक शिक्षक और व्याख्याता भर्ती के लिए घोषणा की है और विभागीय स्तर पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। घोषणा के बाद से बीएड और डीएलएड पास अभ्यर्थी टेट का ही इंतजार कर रहेे थे। इस बार अभ्यर्थी टेट पास करने के लिए पहले से ही तैयारी शुरू कर चुके हैं। क्योंकि वे शिक्षक भर्ती के मौके को खोना नहीं चाह रहे हैं।
सीजीटेट परीक्षा रिपोर्ट
वर्ष – प्राइमरी – पासिंग % : अपर प्राइमरी- पासिंग %
2011 – 51662 – 9.72 : 25885 – 12.74
2014 – 11372 – 22.22 : 7705 – 16.04
2016 – 15415 – 15.33 : 9209 – 10.94
2017 – 3618 – 3.18 : 8235 – 9.43
2019 – 16358 – 10.98 : 2130 – 1.902020 – 13822 – 12.38 : 12777 – 13.28
2022 – 53049 – 17.77 : 26030 10.27
2024 – 29296 – 23.98 : 31181 – 15.58
कुल – 194592 : 123152
टेट की वैधता आजीवन
व्यापम की ओर से शिक्षक पात्रता परीक्षा टेट 2026 के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभ्यर्थी 8 दिसंबर शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। त्रुटि सुधार की प्रक्रिया 9 से 11 दिसंबर तक कर सकेंगे। परीक्षा 1 फरवरी 2026 को संभावित है। परीक्षा राज्य के 20 जिला मुख्यालयों पर आयोजित की जाएगी। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के लिए अलग-अलग परीक्षा आयोजित होगी। इस परीक्षा में पात्रता के लिए अभ्यर्थियों को न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक पाना आवश्यक है। नियमानुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व दिव्यांग अभ्यर्थियों को परीक्षा में पात्रता के लिए 50 प्रतिशत लाना आवश्यक है। एक बार परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी के लिए यह वैधता आजीवन रहेगी।




