10 साल में टॉपर का स्कोर सबसे कम, टॉप 10 में लड़कियों की संख्या में भी आई कमी
राज्य सेवा परीक्षा के 10 साल के रिजल्ट में 5 बार गर्ल्स और 5 बार बॉयज रहे टॉपर
रायपुर । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने गुरुवार की देर रात राज्य सेवा परीक्षा 2024 के परिणाम जारी किए गए। सीजीपीएससी ने मेरिट लिस्ट जारी की गई है। जिसमें अभ्यर्थियों के स्कोर भी दिए गए है। अभ्यर्थियों के स्केर के अनुसार, टॉपर ने 773.5 अंक हासिल किए है। जो कि पिछले 10 साल में सबसे कम स्कोर है। वही इस साल केवल दो ही लड़कियां टॉप 10 में जगह हासिल करने में कामयाब रही हैं जो कि 10 सालों में सबसे कम है। इन सालों में 5 बार बॉयज और 5 बार गल्सZ ने टॉपर में जगह बनाई है। पिछले दो सालों से लड़के ही टॉपर बन रहे है। एक्सपर्ट के अनुसार, स्कोर कम होने के पीछे प्रश्नों की प्रकृति और पैटर्न में बदलाव को माना जा सकता है।
– दस साल के राज्य सेवा परीक्षा और उनके स्कोर
राज्य सेवा परीक्षा – टॉपर – स्कोर
2024 – देवेश प्रसाद साहू – 773.5
2023 – रविशंकर वर्मा – 803.5
2022 – सारिका मित्तल – 1003
2021 – प्रज्ञा नायक – 964.5
2020 – आस्था बोरकर – 1012
2019 – नीरनिधि नंदेहा – 988
2018 – अनिता सोनी – 955
2017 – प्रशांत कुमार कुशवाहा – 933.5
2016 – अर्चना पांडेय – 937.5
2015 – हिमांचल साहू – 874
– पिछले दो साल से बॉयज टॉपर
पिछले दस साल के डाटा देखा जाए तो रिजल्ट में 5 बार गर्ल्स ने टॉपर की पोजिशन हासिल की वही पांच बार बॉयज टॉप पर रहे। लेकिन पिछले दो साल 2024 और 2023 के रिजल्ट में बॉयज टॉपर रहे। 2022, 2021, 2020, 2018 और 2016 में गर्ल्स टॉपर रही थीं। वही इस बार सबसे कम लड़कियों ने टॉप 10 में जगह बनाने में कामयाब हो पाए है। राज्य सेवा परीक्षा 2024 में ही सबसे कम 2 ने ही टॉप 10 में जगह बनाई है। इससे पहले 2023 परीक्षा परिणाम में 5, 2022 में 6, 2021 में 3, 2020 में 3, 2019 में 6, 2018 में 6, 2017 में 3, 2016 में 5 और 2015 में 5 लड़कियों ने टॉप 10 में जगह बनाई थी।
– निकलकर आएंगे बेस्ट अभ्यर्थी
एक्सपर्ट के अनुसार, यह स्कोर बताता है कि पीएससी अच्छी चल रही है। जो लेबलिंग और वैल्यूवेशन अच्छा हो रहा है। सीजीपीएससी का रिजल्ट का प्रतिशत यूपीएससी से 2-3 प्रतिशत ज्यादा रहता है। यूपीएससी का अधिकतम 54 प्रतिशत तक जाता है। पीएससी की परीक्षाओं में देखा जाता है कि कैसे नंबर काटा जाए। प्रतियोगी प्रतियोगिता में पेपर की जांच कड़ाई से होती है। इंटरव्यू का स्कोर पहले ज्यादा से ज्यादा 90-95 होता था। लेकिन पिछले बार जो गड़बड़ी हुई थी उसमें देखने में आया था कि अभ्यर्थियों को 120 नंबर तक दिए गए थे। यदि किसी अभ्यर्थी का नंबर बढ़ा दिया जाए तो प्रतियोगिता कहां रहेगी। अब ऐसा नहीं हो रहा है। इससे यह कह सकते है कि पीएससी में पूरे नियमों का पालन किया जा रहा है। इससे निकलकर आने वाले अभ्यर्थी और बेस्ट होंगे।
मेंस एग्जाम और इंटरव्यू गेम चेंजर
जानकारों के अनुसार, विगत 10 वर्षों के टॉपर के मार्क्स का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि सीजी पीएससी स्टेट सर्विस एग्जाम में पढ़ाई से ज्यादा तैयारी का महत्व हो गया है। परीक्षा में प्रश्नों की प्रकृति और पैटर्न में बदलाव आया है। यहां मेंस एग्जाम और इंटरव्यू गेम चेंजर बना हुआ है। इंटरव्यू पहले 150 का था अब 100 का हो गया है, जिससे भी स्कोर में कम देखने को मिल रही है। वही मुख्य परीक्षा में कॉपी चेक करने में मूल्यांकनकर्ता की भूमिका और प्रश्नों की प्रकृति भी इसमें महत्पूर्ण है। इसलिए अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू की तैयारी इतनी अच्छी रखनी चाहिए कि वे प्रिलिम्स के फौरन बाद इसमें काम करने की स्थिति में रहें। चूंकि यह डेढ़ से दो वर्ष की प्रक्रिया है अत: आवश्यक है कि एक अभ्यर्थी कोचिंग के साथ-साथ मेंटरशिप भी प्राप्त करें ताकि परीक्षा से जुड़े विभिन्न आयामों हेतु स्वयं को समग्र रूप से तैयार कर सकें। आमतौर पर देखने मिलता है कि उत्साह कम होने पर अधिकांश उम्मीदवार बीच में पढ़ाई कम अथवा बंद कर देते हैं। यही वह समय होता है जहां मेंटर अभ्यर्थियों को सही गाइडेंस के द्वारा प्रतिस्पर्धा में बनाए रखते हैं। चयन में साक्षात्कार का चरण महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, किसी अभ्यर्थी को 74 और किसी को 24 अंक का प्राप्त होना 50 अंक का अंतर कर देता है। यह फर्क फाइनल सलेक्शन होने और नहीं होने में दिखता है। बेहतर होगा कि परीक्षा के प्रत्येक चरण हेतु उम्मीदवार वर्तमान प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रख विशेष रणनीति के साथ तैयारी में जुटे जिससे उसे वांछित नतीजे प्राप्त हो सकें।




